कथा के माध्यम से भारत और नेपाल संस्कृति में आपसी समन्वय एवं भाईचारे का संदेश होगा प्रसारित नेपाल और भारत के रिश्तों को मिलेगी मजबूती इस आशा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन प्रेम नगर आश्रम में 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक किया गया।
प्रेम नगर आश्रम हरिद्वार में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक किया गया। श्री हरि कृपा फाउंडेशन द्वारा इस कथा के माध्यम से भारत और नेपाल के रिश्तों को मधुर बनाना और आपसी समन्वय करना था मुख्य उद्देश्य। श्रीमद् भागवत कथा में कथा वाचिका श्री विदुषी देवी भवानी ने अपने मुखारविंद से श्रद्धालु भक्तों को कथा का श्रवण कराया और सभी भक्तों ने बड़े ही भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया। प्रेस वार्ता के दौरान हरि कृपा फाऊंडेशन के संस्थापक हरि कृष्ण महाराज जी ने कहा था की भागवत कथा के श्रवण और मनन से जीवन भवसागर से पार हो जाता है कथा के प्रभाव से परिवार में सुख समृद्धि का आगमन होता है दुखो से मुक्ति मिलती है उन्होंने साथ ही कहा कि इस तरह की आयोजन से देश में आपसी समन्वय स्थापित होगा और संबंध मधुर और मजबूत बनेंगे। कथा वाचिका देवी भवानी ने कहा कि युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन जरूरी है। संस्कृति और धार्मिक क्रियाकलापों की जानकारी युवा पीढ़ी को अवश्य होनी चाहिए। मन मस्तिष्क की शुद्धि धार्मिक विचारों से ही होती है ।नेपाल एवं देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं ने इस भागवत कथा में आकर श्रवण किया तथा हरिद्वार के प्रमुख समाजसेवी जगदीश लाल पाहवा ने अपना विशेष सहयोग इस कथा में दिया। आज कथा का सातवां दिन था और बड़ी भक्ति भाव से इस कथा का विश्राम हुआ तथा 1 दिसंबर को हवन के बाद भंडारे का आयोजन सभी भक्तजनों के लिए किया गया इस तरह के धार्मिक अनुष्ठानों से ही समझ में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण स्थापित होता है तथा समाज के वर्ग को अपने सनातन धर्म के प्रति जानकारी मिलती है ऐसे धार्मिक अनुष्ठानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले और अपने धार्मिक कार्यों के प्रति सजग रहे।